बसें नहीं तो पैदल ही सही रविवार दोपहर भी आनंद विहार बस अड्डे पर लगभग करीब पांच हजार लोगों की भीड़ जमा थी। बसों का इंतजाम होने की उम्मीद में लोग वहां पर जमा हैं। लेकिन बहुत से लोग अब बस पाने की उम्मीद छोड़ चुके हैं और पैदल भी अपने घरों की ओर निकल रहे हैं।

बसें नहीं तो पैदल ही सही


रविवार दोपहर भी आनंद विहार बस अड्डे पर लगभग करीब पांच हजार लोगों की भीड़ जमा थी। बसों का इंतजाम होने की उम्मीद में लोग वहां पर जमा हैं। लेकिन बहुत से लोग अब बस पाने की उम्मीद छोड़ चुके हैं और पैदल भी अपने घरों की ओर निकल रहे हैं।

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सोशल दूरी नहीं
इससे कोरोना संक्रमण के और अधिक फैलने और भारी संख्या में लोगों के इनकी चपेट में आने का खतरा बहुत बढ़ गया है।
क्या फिलहाल चीन की यात्रा करना जोखिम भरा है?
दिल्ली का परिवहन विभाग चुकाएगा पैसा दिल्ली से बाहर जाना चाह रहे लोगों को आनंद विहार बस अड्डे पर बसें उपलब्ध कराई जा रही हैं। यह यात्रा पूरी तरह मुफ्त है। किसी भी यात्री से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। इसके लिए सैकड़ों प्राइवेट बसों को काम पर लगाया गया है। आने-जाने की पूरी यात्रा के लिए उन्हें दिल्ली के परिवहन विभाग से भुगतान किया जायेगा। बसों को मिलने वाले पास में इस बात का स्पष्ट उल्लेख कर दिया गया है कि बस ऑपरेटर यात्रियों से किसी प्रकार का किराया नहीं लेंगे और दिल्ली का परिवहन विभाग निर्धारित दरों पर उन्हें भुगतान करेगा।
हीं, यात्रियों की शिकायत है कि उन्हें किसी भी प्रकार की सही सूचना नहीं दी जा रही हैं। उन्हें सुबह से इसी तरह खड़े रखा गया है और वे बसों की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
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